Britain-China Relations : ब्रिटेन-चीन संबंधों में नई ‘रणनीतिक’ पहल

बीजिंग, 29 जनवरी 2026 — अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बढ़ती अस्थिरता और अमेरिका की बदलती नीतियों के बीच ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने चीन की आधिकारिक यात्रा पर पहुँचकर दोनों देशों के बीच “अधिक परिष्कृत और दीर्घकालिक संबंध” बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। यह पिछले 8 वर्षों में किसी ब्रिटिश प्रधानमंत्री की पहली चीन यात्रा है

स्टार्मर की यह चार-दिवसीय यात्रा ऐसे समय पर हुई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ रणनीति, विदेशी गठबंधनों को लेकर आक्रामक बयानबाज़ी, और हाल ही में ग्रीनलैंड पर नियंत्रण लेने की धमकी ने अनेक पारंपरिक साझेदार देशों को असहज कर दिया है।

UK–China Relation: “More Sophisticated Partnership”

बीजिंग में ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात के दौरान स्टार्मर ने कहा:

“चीन वैश्विक मंच पर एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी है। ब्रिटेन के लिए यह ज़रूरी है कि हम एक अधिक परिष्कृत और दीर्घकालिक संबंध बनाएँ।”

स्टार्मर ने कहा कि उनकी सरकार ऐसी सुसंगत और रणनीतिक साझेदारी चाहती है, जो व्यापार, सुरक्षा, और वैश्विक स्थिरता में दोनों देशों को लाभ पहुंचाए।

शी जिनपिंग ने भी दोनों देशों के रिश्ते को
“स्थिर, विश्वसनीय और समग्र रणनीतिक साझेदारी”
बनाने की इच्छा जताई।

उन्होंने कहा कि चीन और ब्रिटेन मिलकर न्यायपूर्ण और संतुलित वैश्विक शासन प्रणाली को बढ़ावा दे सकते हैं।

ट्रंप की नीतियों से अस्थिर वैश्विक गठबंधन

स्टार्मर की यह यात्रा उसी पैटर्न का हिस्सा है जिस पर पिछले महीनों में:

  • फ़्रांस के इमैनुअल मैक्रों
  • कनाडा के मार्क कार्नी

भी चीन जा चुके हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि बीजिंग लंबे समय से अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के बीच दरार पैदा करने की कोशिश करता रहा है—और ट्रंप की नीतियों ने इस रणनीति को आसान बना दिया है।

कई देशों में चीन का $1.2 ट्रिलियन का रिकॉर्ड ट्रेड सरप्लस पहले ही चिंता का विषय बना हुआ है।

ब्रिटिश व्यापारियों के लिए “बड़े अवसर”

स्टार्मर ने प्रेस को बताया कि बैठक “बहुत रचनात्मक और सकारात्मक” रही और ब्रिटिश कंपनियों के लिए बड़े अवसर खुलेंगे।

मुख्य प्रगति:

  • चीनी व्हिस्की टैरिफ कम करने पर सहमति (detailing pending)
  • चीन की यात्रा के लिए वीज़ा प्रक्रिया आसान करने पर बातचीत
  • “irregular migration” पर सुरक्षा सहयोग
  • चीनी बाज़ारों में ब्रिटिश कंपनियों के लिए अधिक पहुंच

इस यात्रा में स्टार्मर के साथ 60+ व्यवसाय और सांस्कृतिक संस्थाओं का प्रतिनिधिमंडल भी गया है, जिसमें शामिल हैं:

  • HSBC
  • GSK
  • Jaguar Land Rover
  • British Museum delegation

प्रतिनिधिमंडल चीन की वित्तीय राजधानी शंघाई भी जाएगा।

मानवाधिकार मुद्दे भी उठे

पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर स्टार्मर ने पुष्टि की कि उन्होंने:

  • हांगकांग के लोकतंत्र समर्थक प्रकाशक जिमी लाई की गिरफ्तारी
  • उइगर मुस्लिम समुदाय के मानवाधिकार उल्लंघन

जैसे संवेदनशील मुद्दों पर भी “सम्मानपूर्ण लेकिन स्पष्ट” बातचीत की।

उन्होंने कहा कि:

“हम जिन मुद्दों पर साथ काम कर सकते हैं, करेंगे — लेकिन जिन पर मतभेद हैं, उन्हें खुलकर रखा जाएगा।”

नई चीनी दूतावास पर ब्रिटेन की मंजूरी

यात्रा से ठीक एक सप्ताह पहले ब्रिटेन ने लंदन में चीन के लिए एक नई ‘मेगा एम्बेसी’ बनाने की अनुमति दी है।

हालाँकि यह परियोजना महीनों से सुरक्षा चिंताओं के चलते अटकी हुई थी—क्योंकि:

  • इसके पास फाइबर-ऑप्टिक डेटा लाइनें गुजरती हैं
  • और चीन द्वारा नागरिकों की निगरानी की आशंका जताई जा रही थी

फिर भी स्टार्मर सरकार ने इसे मंजूरी दी है।

🇺🇸 क्या इससे अमेरिका–यूके संबंध प्रभावित होंगे?

यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब:

  • कनाडा द्वारा चीन से EV टैरिफ घटाने पर
  • ट्रंप ने कनाडा को 100% टैरिफ लगाने की धमकी दी थी।

अब अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं:

✔ UK को अमेरिका और चीन के बीच संतुलन बनाना पड़ेगा
✔ व्यापार अवसरों और सुरक्षा चिंताओं—दोनों का ध्यान रखना होगा
✔ यात्रा से चीन संबंध मजबूत होंगे, पर अमेरिका की प्रतिक्रिया भी अहम होगी

स्टार्मर का कहना है कि UK बिना सुरक्षा से समझौता किए China से व्यापार बढ़ाना चाहता है।

निष्कर्ष

कीर स्टार्मर की चीन यात्रा न सिर्फ दोनों देशों के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि वैश्विक राजनीति की नई दिशा भी तय कर सकती है—जहाँ अमेरिका की अप्रत्याशित नीतियाँ सहयोगी देशों को नए साझेदारियों के विकल्प खोजने पर मजबूर कर रही हैं।

ब्रिटेन स्पष्ट संदेश दे रहा है:
आर्थिक विकास हमारी प्राथमिकता है — और उसके लिए चीन एक अपरिहार्य साझेदार है।

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